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28 जून 2026

शुक्र गोचर 2026 — प्रेम, विवाह और धन | सभी 12 राशियों के लिए विस्तृत फलाफल


"ॐ शुक्राय नमः — ॐ भार्गवाय नमः"

प्रेम के देवता, धन के कारक, सौंदर्य के राजा शुक्र ग्रह को प्रणाम करके, उनकी कृपा से इस वर्ष हमारे जीवन में आनंद और ऐश्वर्य की वृद्धि हो।

शुक्र ग्रह — प्रेम के देवता, धन के कारक

नवग्रहों में सबसे शुभ और सुंदर ग्रह शुक्र (Venus / Shukra) हैं। असुरों के गुरु की उपाधि प्राप्त शुक्र, ज्योतिष शास्त्र में काम, प्रेम, विवाह, धन, ऐश्वर्य, कला, सौंदर्य, वाहन, गृह आदि के कारक हैं।

"प्रेम में पड़े हुए व्यक्ति को शुक्र बल प्राप्त होता है" — यह ज्योतिष परंपरा का वाक्य है। जातक में शुक्र बलवान हो तो — सुंदर दांपत्य, विलासपूर्ण जीवन, कला में रुचि, अच्छी सखी / प्रेमी / जीवनसाथी — ये सब मिलते हैं।

शुक्र वृषभ और तुला — इन दो राशियों के स्वामी हैं। वृषभ — धन, शारीरिक सुख, स्वाद का आनंद; तुला — न्याय, संतुलन, संबंध। इन दोनों राशियों में शुक्र का संचरण सभी राशियों के लिए विशेष अवधि है।

शुक्र का गोचर (transit) प्रत्येक राशि में लगभग 25–30 दिन रहता है। लेकिन वक्री (retrograde) काल में एक ही राशि में अधिक दिन ठहरना भी होता है। शुक्र वक्री होने पर — पुराना प्रेम फिर से लौट सकता है, पुराने मित्र फिर से संपर्क करेंगे, पुराने विवाह प्रस्ताव फिर से शुरू होंगे। लेकिन वक्री काल में नए विवाह समझौते, नई प्रेम शुरुआत में जल्दबाजी न करें — शुक्र के मार्गी (direct) होने के बाद अंतिम निर्णय लेना उत्तम है।

2026 में शुक्र कई महत्वपूर्ण स्थितियों को प्राप्त करेंगे — उच्च, वक्री, स्वराशि। इस वर्ष शुक्र गोचर प्रेम चाहने वालों, विवाह की प्रतीक्षा करने वालों और धन-संपत्ति चाहने वालों के लिए कई अद्भुत अवसर प्रदान करता है।


2026 शुक्र गोचर — प्रमुख घटनाएँ और तिथियाँ

घटनाराशिअनुमानित काल
शुक्र उच्च (Exaltation)मीन (Pisces)9 फरवरी – 5 मार्च, 2026
शुक्र वक्री आरंभमेष / मीन1 मार्च, 2026
शुक्र वक्री कालमीन (Retrograde)1 मार्च – 12 अप्रैल, 2026
शुक्र मार्गी (Direct)मीन12 अप्रैल, 2026
मेष प्रवेशमेष7 मई, 2026
शुक्र स्वराशि — वृषभवृषभ (Taurus)8 जून – 12 जुलाई, 2026
मिथुनमिथुन12 जुलाई – 8 अगस्त, 2026
कर्ककर्क8 अगस्त – 3 सितंबर, 2026
सिंहसिंह3 सितंबर – 30 सितंबर, 2026
शुक्र नीच (Debilitation)कन्या (Virgo)30 सितंबर – 28 अक्टूबर, 2026
शुक्र स्वराशि — तुलातुला (Libra)28 अक्टूबर – 25 नवंबर, 2026
वृश्चिकवृश्चिक25 नवंबर – 25 दिसंबर, 2026

नोट: ये तिथियाँ वैदिक (Sidereal) गणना के आधार पर अनुमानित हैं। सटीक समय के लिए अपना पंचांग देखें।


2026 में शुक्र के 5 विशेष क्षण

1. शुक्र उच्च — मीन राशि (फरवरी — मार्च): शुक्र की उच्च राशि मीन है; उच्च अंश 27°। इस काल में प्रेम, विवाह, कला, ऐश्वर्य — सब चरम पर होंगे। विवाह मुहूर्त के लिए यह उत्तम काल है।

2. शुक्र वक्री काल (1 मार्च — 12 अप्रैल): वक्री काल में शुक्र फिर से मीन में लौटते हैं। पुराना प्रेम फिर प्रकट हो सकता है। बिछड़े प्रेमी मिल सकते हैं। लेकिन इस काल में नए विवाह निर्णय न लें — विलंब, मन परिवर्तन संभव है।

3. शुक्र वृषभ में — स्वराशि (8 जून — 12 जुलाई): वृषभ शुक्र की स्वराशि है। यह काल घर, वाहन, विलासिता की वस्तुएँ, आभूषण खरीदने के लिए उत्तम है। धन-संपत्ति में वृद्धि होगी।

4. शुक्र नीच — कन्या (30 सितंबर — 28 अक्टूबर): कन्या शुक्र की नीच राशि है। इस काल में प्रेम में कड़वाहट, धन में विवाद संभव है। धैर्य बहुत महत्वपूर्ण है।

5. शुक्र तुला में — स्वराशि (28 अक्टूबर — 25 नवंबर): तुला शुक्र की दूसरी स्वराशि है। विवाह योग, प्रेम की पूर्ति, धन प्रवाह — फिर से उत्तम काल आता है।


सभी 12 राशियों के लिए शुक्र गोचर फलाफल 2026

1. मेष — प्रेम में मोड़, विवाह का अवसर ⭐⭐

शुक्र प्रमुख कालों में आपके 12वें, 1ले, 2रे और 7वें भाव में संचरण करेंगे।

प्रेम और विवाह: फरवरी — मार्च में शुक्र आपके 12वें भाव (मीन) में उच्च होंगे। यह गुप्त प्रेम, एकांत में मन की गहरी अनुभूति का काल है। विवाहित दंपतियों को गहरी निजी निकटता प्राप्त होगी। अक्टूबर — नवंबर में शुक्र 7वें भाव (तुला) में स्वराशि में विराजमान होंगे — यह मेष के लिए विवाह योग का चरम काल है। प्रेम में हैं तो इस काल में विवाह का निर्णय लें। विवाह में बाधा वालों के लिए बाधा दूर होने की प्रबल संभावना।

धन: जून — जुलाई में शुक्र 2रे भाव (वृषभ) में स्वराशि में होंगे। परिवार में आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। आभूषण, विलासिता की वस्तुएँ खरीदने का उत्तम समय। पारिवारिक संबंध मधुर रहेंगे।

विवाह मुहूर्त: मेष राशि वाले 2026 अक्टूबर — नवंबर को विवाह मुहूर्त के लिए प्राथमिकता दें। शुक्र 7वें भाव में स्वराशि (तुला) में होने पर किया गया विवाह जीवनभर शुभ फल देगा।

उपाय: शुक्रवार को शुक्र को श्वेत कमल अर्पित करें। "ॐ शुक्राय नमः" 108 बार जपें। विवाह समारोहों में श्वेत वस्त्र पहनें।


2. वृषभ — प्रेम और धन का अद्भुत वर्ष ⭐⭐⭐

शुक्र वृषभ के लग्नेश और 6ठे भाव के स्वामी हैं।

प्रेम और विवाह: फरवरी — मार्च में शुक्र 11वें भाव (मीन) में उच्च होंगे — यह आशापूर्ति स्थान है। प्रेम में इच्छित व्यक्ति निकट आएगा। मित्रता प्रेम में बदल सकती है। विवाह शीघ्र होगा। जून — जुलाई में शुक्र 1ले भाव (वृषभ) में स्वराशि में चमकेंगे — आपका रूप, आकर्षण, आत्मविश्वास सब चरम पर होंगे। इस काल में नया प्रेम आरंभ होगा। विवाहित जातकों के दांपत्य संबंध बहुत मधुर होंगे।

धन: 11वें भाव का उच्च शुक्र (फरवरी — मार्च) धन प्रवाह बढ़ाएगा। अप्रत्याशित धन, उपहार, बोनस संभव। 1ले भाव का शुक्र (जून) — आभूषण, वाहन, गृह सज्जा खरीदने का सुअवसर।

विशेष नोट: वृषभ राशि वालों के लिए जनवरी — मार्च (11वाँ भाव + प्रारंभिक 1ला भाव) और जून — जुलाई (स्व 1ला भाव) — ये दोनों काल जीवन में अविस्मरणीय सुखद क्षण बनेंगे। प्रेम विवाह चाहने वालों के लिए वर्ष का प्रथम अर्धभाग उपयुक्त।

उपाय: शुक्रवार को लक्ष्मी मंदिर में मक्खन का दीपक जलाएँ। "श्री शुक्र संतुष्टिम्" स्तोत्र पढ़ें। श्वेत दूध और गुड़ का दान करें।


3. मिथुन — व्यावसायिक सफलता और प्रेम का पुष्पण ⭐⭐

शुक्र मिथुन के 5वें और 12वें भाव के स्वामी हैं।

प्रेम और विवाह: अक्टूबर — नवंबर में शुक्र 5वें भाव (तुला) में स्वराशि में — यह पुत्र स्थान है, प्रेम का अपना भाव। यह प्रेम खिलने का मौसम है। नया प्रेम पुष्पित होगा, पुराना प्रेम फलीभूत होगा। विवाहित जातकों को संतान सुख की संभावना। मिथुन राशि वालों के लिए 2026 का दूसरा अर्धभाग (अक्टूबर — नवंबर) अत्यंत विशेष काल।

धन: फरवरी — मार्च में शुक्र 10वें भाव (मीन) में उच्च — कार्यक्षेत्र में उच्चाधिकारियों का सहयोग मिलेगा। वेतन वृद्धि, पदोन्नति संभव। सहकर्मियों से मधुर संबंध।

विशेष नोट: मिथुन राशि में प्रेम चाहने वाले अक्टूबर — नवंबर का भरपूर लाभ उठाएँ। शुक्र भुक्ति या शुक्र दशा वालों को इस काल में दोगुना योग मिलेगा।

उपाय: शुक्रवार को श्वेत वस्त्र पहनकर विवाहित दंपतियों का आशीर्वाद लें। "ॐ भार्गवाय नमः" 108 बार जपें।


4. कर्क — तीनों प्रमुख कालों में आशीर्वाद ⭐⭐⭐

शुक्र कर्क के 4थे और 11वें भाव के स्वामी — अत्यंत अनुकूल स्थिति।

प्रेम और विवाह: 2026 कर्क के लिए विशेष वर्ष। फरवरी — मार्च में शुक्र 9वें भाव (मीन) में उच्च — भाग्य स्थान में उच्च शुक्र अत्यंत दुर्लभ योग है। विवाह प्रस्ताव शुभ फल देंगे। माता-पिता के माध्यम से विवाह का अवसर। अक्टूबर — नवंबर में 4थे भाव (तुला) में स्व शुक्र — घर में प्रसन्नता, माता से मधुर संबंध, गृह सज्जा।

धन: जून — जुलाई में शुक्र 11वें भाव (वृषभ) में स्वराशि में — लाभ स्थान में स्व शुक्र धन प्रवाह के लिए अत्यंत शक्तिशाली स्थिति। निवेश अच्छा प्रतिफल देंगे, आय बढ़ेगी, ऋण कम होगा।

विशेष नोट: 12 राशियों में कर्क राशि वालों को 2026 में तीनों प्रमुख कालों (फरवरी, जून, अक्टूबर) में शुक्र अनुकूल भावों में संचरण करते हैं — यह दुर्लभ योग है। विवाह संबंधी मामलों में लगे कर्क राशि वाले इन तीन कालों में से किसी एक में विवाह करें।

उपाय: शुक्रवार को देवी लक्ष्मी को कमल पुष्प अर्पित करें। श्री सूक्तम् पाठ करें। मिठाई और दूध का दान उत्तम।


5. सिंह — करियर में वृद्धि, प्रेम में धैर्य ⭐

शुक्र सिंह के 3रे और 10वें भाव के स्वामी हैं।

प्रेम और विवाह: सिंह को 2026 में प्रेम मामलों में धैर्य चाहिए। फरवरी — मार्च में शुक्र 8वें भाव (मीन) में उच्च — छिपी भावनाओं और गहरे बंधनों का काल। बाहर न दिखने वाला प्रेम रहेगा। विवाहित जातकों को भाई-बहन / तीसरे व्यक्ति की बाधा संभव। वक्री काल (मार्च — अप्रैल) में संबंधों में सावधानी चाहिए। अक्टूबर — नवंबर में 3रे भाव (तुला) में स्व शुक्र — भाई-बहनों से मधुर संबंध; नई मुलाकातों से प्रेम संभव।

धन: जून — जुलाई में शुक्र 10वें भाव (वृषभ) में स्वराशि में — करियर में मान्यता, पदोन्नति, वेतन वृद्धि संभव। कला, तकनीक और सौंदर्य संबंधित पेशों में लोगों के लिए बहुत अच्छा काल।

विशेष नोट: सिंह में शुक्र 10वें अधिपति — कला, रचनात्मकता, अभिनय, संगीत, डिज़ाइन पेशों वालों को जून — जुलाई में बड़े अवसर और मान्यता मिलेगी। करियर पर ध्यान केंद्रित करने वालों के लिए 2026 अच्छा वर्ष।

उपाय: शुक्रवार को श्री महालक्ष्मी अष्टकम् पाठ करें। श्वेत पुष्प दान करें। शुक्र दृष्टि काल में प्रेम में जल्दबाजी न करें।


6. कन्या — विवाह योग सबल होता है ⭐⭐⭐

शुक्र कन्या के 2रे और 9वें भाव के स्वामी — अत्यंत शुभ ग्रह।

प्रेम और विवाह: कन्या राशि वालों के लिए 2026 विवाह योग का वर्ष। फरवरी — मार्च में शुक्र 7वें भाव (मीन) में उच्च — कलत्र स्थान में उच्च शुक्र विवाह योग का सबसे प्रबल संकेत। इस काल में विवाह प्रस्ताव तेजी से आगे बढ़ेंगे। प्रेमियों की विवाह बाधा दूर होगी। विवाहित जातकों में अलगाव हो तो पुनर्मिलन होगा। जून — जुलाई में 9वें भाव (वृषभ) में स्व शुक्र — दैवी आशीर्वाद, गुरु कृपा, विदेशी प्रेम/विवाह अवसर भी संभव।

धन: अक्टूबर — नवंबर में 2रे भाव (तुला) में स्व शुक्र — परिवार में आर्थिक सुधार, ऋण कमी, बैंक बैलेंस वृद्धि। आभूषण, संपत्ति खरीदने का अच्छा समय।

विशेष नोट: कन्या राशि वाले फरवरी — मार्च को विवाह प्रस्ताव और सगाई के लिए उत्तम समय मानें। शुक्र वक्री काल (मार्च — अप्रैल) में विवाह अनुबंध पर हस्ताक्षर में विलंब कर सकते हैं, लेकिन बातचीत जारी रखें।

उपाय: शुक्रवार को मीनाक्षी अम्मन / कामाक्षी अम्मन मंदिर दर्शन करें। विवाह बाधा वाले वरलक्ष्मी व्रत रखें। केसर वाला दूध नैवेद्य अर्पित करें।


7. तुला — वर्ष का दूसरा अर्धभाग अद्भुत ⭐⭐⭐

शुक्र तुला के लग्नेश और 8वें भाव के स्वामी हैं।

प्रेम और विवाह: 2026 के प्रथम अर्धभाग में शुक्र 6ठे भाव (मीन) में — कुछ चुनौतीपूर्ण काल, प्रेम में बाधाएँ आ सकती हैं। लेकिन अक्टूबर — नवंबर में शुक्र 1ले भाव (तुला) में स्वराशि में चमकेंगे — यह तुला का वर्ष का सर्वोत्तम काल है। आपका रूप आकर्षक होगा, नया प्रेम पुष्पित होगा, विवाह का अवसर आएगा। विवाहित जातकों का दांपत्य बंधन गहरा होगा। तुला राशि वाले अक्टूबर — नवंबर का पूरा लाभ उठाएँ।

धन: जून — जुलाई में 8वाँ भाव (वृषभ) — जीवनसाथी की आय बढ़ सकती है, विरासत संपत्ति संभव। 1ले भाव का स्व शुक्र (अक्टूबर) — विलासिता की वस्तुएँ, आभूषण, वाहन खरीदने का सही समय।

विशेष नोट: तुला राशि वालों, 2026 का दूसरा अर्धभाग (अक्टूबर — नवंबर) याद रखें — यह आपके सौंदर्य का चरम काल, प्रेम का स्वर्ण युग है। शुक्र दशा में चल रहे तुला राशि वालों के लिए यह काल जीवन में मोड़ लाएगा।

उपाय: शुक्रवार को श्री लक्ष्मी सहस्रनाम सुनें। श्वेत या हल्के नीले वस्त्र पहनें। मीठा दूध दान करें।


8. वृश्चिक — मध्य वर्ष विवाह योग ⭐⭐⭐

शुक्र वृश्चिक के 7वें और 12वें भाव के स्वामी — विवाह कारक।

प्रेम और विवाह: फरवरी — मार्च में शुक्र 5वें भाव (मीन) में उच्च — प्रेम खिलने का मौसम, हृदय की गहराई में छिपा प्रेम प्रकट होगा। जून — जुलाई में शुक्र 7वें भाव (वृषभ) में स्वराशि में — यह वृश्चिक के लिए विवाह योग का चरम काल है। प्रेमियों के विवाह की तिथि निश्चित होगी। बिछड़े दंपति फिर मिलेंगे। लंबे समय से खोजे जीवनसाथी मिलने की संभावना। वक्री शुक्र (मार्च — अप्रैल) पुराना प्रेम वापस ला सकता है — लेकिन जल्दबाजी न करें।

धन: सितंबर — अक्टूबर में 11वाँ भाव (कन्या) — शुक्र नीच में होने पर भी लाभ स्थान में होने से आय सामान्य रहेगी। जून — जुलाई विवाह / वाहन / आभूषण खरीदने का उत्तम समय।

विशेष नोट: वृश्चिक राशि में जून — जुलाई (7वें भाव का स्व शुक्र) में विवाह निर्णय तेजी से होंगे। वक्री काल (मार्च — अप्रैल) में लौटने वाला पुराना प्रेम — सच्चा है या नहीं, जाँचकर निर्णय लें; केवल भावनाओं में न बहें।

उपाय: शुक्रवार को कदंब / चमेली के फूल लेकर अम्मन मंदिर दर्शन करें। "ॐ शुक्र बीजम्" (ॐ शुं शुक्राय नमः) जपें।


9. धनु — वर्ष की अंतिम तिमाही धन वरदान ⭐⭐

शुक्र धनु के 6ठे और 11वें भाव के स्वामी — धन कारक।

प्रेम और विवाह: फरवरी — मार्च में शुक्र 4थे भाव (मीन) में उच्च — घर में पारिवारिक प्रसन्नता, माता से मधुरता। विवाहित जातकों के घर में शांत वातावरण। जुलाई — अगस्त में 8वें भाव में — प्रेम में हल्का तनाव संभव; धैर्य चाहिए। अक्टूबर — नवंबर में 11वें भाव (तुला) में स्व शुक्र — मित्रों के माध्यम से अच्छे जीवनसाथी का परिचय हो सकता है।

धन: अक्टूबर — नवंबर में 11वें भाव (तुला) में स्व शुक्र — यह धनु के लिए 2026 में सबसे अधिक धन वृद्धि का काल है। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, संपत्ति निवेश अच्छा फल देंगे। ऋण कम होंगे, आय बढ़ेगी।

विशेष नोट: धनु राशि वाले 2026 की अंतिम तिमाही (अक्टूबर — नवंबर) को आर्थिक योजना बनाने में भरपूर उपयोग करें। इस काल में किए गए निवेश और खरीदी गई संपत्तियाँ दीर्घकालिक अच्छा प्रतिफल देंगी।

उपाय: शुक्रवार को अन्नदान करें। श्री सूक्तम् पाठ समृद्धि लाएगा। मक्खन का दीपक जलाएँ।


10. मकर — मध्य वर्ष प्रेम, अंत में करियर चरम ⭐⭐

शुक्र मकर के 5वें और 10वें भाव के स्वामी — दोनों शुभ भाव।

प्रेम और विवाह: जून — जुलाई में शुक्र 5वें भाव (वृषभ) में स्वराशि में — प्रेम पुष्पित होने का काल। पुत्र स्थान में स्व शुक्र प्रेम और संतान सुख के लिए उत्तम स्थिति। विवाहित जातकों को संतान सुख बढ़ेगा। फरवरी — मार्च में 3रे भाव में — भाई-बहनों / पड़ोसी शहर में प्रेम मुलाकात संभव।

धन: अक्टूबर — नवंबर में शुक्र 10वें भाव (तुला) में स्वराशि में — करियर का चरम। पदोन्नति, वेतन वृद्धि, व्यापार विस्तार हो सकता है। कला, सौंदर्य, फैशन, मीडिया पेशों वालों के लिए विशेष लाभ।

विशेष नोट: मकर में शुक्र 5वें और 10वें दोनों भावों के स्वामी — यह बहुत विशेष स्थिति। प्रेम और करियर का मिलन — कला आधारित पेशों वालों के लिए 2026 दोगुने आशीर्वाद का वर्ष बनेगा।

उपाय: शुक्रवार को महालक्ष्मी सहस्रनामार्चना करें। नीले वस्त्र छोड़कर श्वेत वस्त्र पहनें।


11. कुंभ — धन और पारिवारिक प्रसन्नता ⭐⭐⭐

शुक्र कुंभ के 4थे और 9वें भाव के स्वामी — अत्यंत शुभ कोण।

प्रेम और विवाह: फरवरी — मार्च में शुक्र 2रे भाव (मीन) में उच्च — परिवार में मधुरता, वाणी में माधुर्य, संबंधियों के माध्यम से अच्छे विवाह अवसर। जून — जुलाई में 4थे भाव (वृषभ) में स्व शुक्र — घर में सुख, नया घर/वाहन खरीदने का उत्तम समय। माता से मधुर संबंध। अक्टूबर — नवंबर में 9वें भाव (तुला) में स्व शुक्र — भाग्य स्थान, विदेश संबंधित विवाह अवसर भी संभव।

धन: 2रे भाव का उच्च शुक्र (फरवरी — मार्च) — बैंक बैलेंस बढ़ेगा, आभूषण/संपत्ति आएगी। 4थे भाव का स्व शुक्र — घर खरीदने का सर्वोत्तम काल। 9वें भाव का स्व शुक्र (अक्टूबर) — विदेश संबंधित आय आएगी।

विशेष नोट: कुंभ राशि वालों के लिए 2026 में शुक्र पूरे वर्ष अनुकूल स्थितियों में संचरण करेंगे, प्रेम — विवाह — धन तीनों में शुभ फल। घर खरीदने के लिए जून — जुलाई सर्वोत्तम।

उपाय: शुक्रवार को श्री लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर दर्शन करें। घर में श्री यंत्र स्थापित कर पूजा करें। श्वेत गोम्फ्रेना पुष्प दान करें।


12. मीन — वर्ष के आरंभ में चरम आशीर्वाद ⭐⭐⭐

शुक्र मीन के 3रे और 8वें भाव के स्वामी — और शुक्र मीन में उच्च होते हैं।

प्रेम और विवाह: फरवरी — मार्च में शुक्र 1ले भाव (मीन) में उच्च होंगे — यह मीन राशि वालों को 2026 में मिलने वाला सबसे दुर्लभ योग है। आपका रूप दीप्तिमान होगा, आकर्षण चरम पर। प्रेम चाहने वालों को इस काल में उचित साथी मिलेगा। विवाहित जातकों का दांपत्य बहुत गहरा होगा। वक्री काल (मार्च — अप्रैल) में भी शुक्र मीन में रहने से यह आशीर्वाद जारी रहेगा। जुलाई — अगस्त में 5वें भाव में — संतान सुख, प्रेम की निरंतरता उत्तम रहेगी।

धन: 1ले भाव का उच्च शुक्र (फरवरी — मार्च) — आभूषण, वाहन, विलासिता की वस्तुएँ खरीदने का सर्वोत्तम समय। अक्टूबर — नवंबर में 8वें भाव (तुला) — जीवनसाथी की आय, विरासत संपत्ति आने की संभावना।

विशेष नोट: मीन राशि वालों, फरवरी — मार्च में उच्च शुक्र की चरम शक्ति सीधे आपकी राशि में प्रवाहित होगी — यह जीवन में एक बार आने वाला योग है। प्रेम चाहने वाले इस अवसर को व्यर्थ न जाने दें। विवाह की प्रतीक्षा करने वाले फरवरी — मार्च में शुक्र मुहूर्त देखें।

उपाय: शुक्रवार को श्री आण्डाल / रंगनायकी मंदिर दर्शन करें। "ॐ शुक्राय नमः" 108 बार जपकर श्वेत पुष्प अर्पित करें। उच्च शुक्र काल (फरवरी — मार्च) में विवाह मुहूर्त रख सकते हैं।


शुक्र गोचर के सामान्य उपाय

शुक्र अनुकूल रहें, इसके लिए सभी राशि वाले अपनाएँ:

उपायविवरण
पूजा का दिनशुक्रवार
मंत्र"ॐ शुक्राय नमः" — 108 बार
पुष्पश्वेत पुष्प (श्वेत कमल, चमेली, गुलाब)
दानमक्खन, दूध, श्वेत वस्त्र, दही
वस्त्रशुक्रवार को श्वेत या क्रीम रंग के वस्त्र
मंदिरलक्ष्मी मंदिर, मीनाक्षी अम्मन, कामाक्षी अम्मन
यंत्रश्री चक्र / शुक्र यंत्र घर में रखें
रत्नहीरा (Diamond) या श्वेत जिर्कन (White Zircon)
स्तोत्रश्री सूक्तम्, श्री लक्ष्मी अष्टकम्

विवाह बाधा वालों के लिए: शुक्रवार को मीनाक्षी अम्मन / कामाक्षी अम्मन मंदिर में हल्दी + कुंकुम अर्पित कर प्रार्थना करें। मनोन्मणी देवी को वंदन करें।


2026 — राशि-वार शुक्र गोचर सारांश

राशिविवाह योगधनसर्वोत्तम काल
मेष⭐⭐⭐ (अक्टू-नवं)⭐⭐ (जून-जुल)अक्टूबर — नवंबर
वृषभ⭐⭐⭐ (फर-मार्)⭐⭐⭐ (फर + जून)फरवरी — मार्च
मिथुन⭐⭐ (अक्टू-नवं)⭐⭐ (फर-मार्)अक्टूबर — नवंबर
कर्क⭐⭐⭐ (फर-मार्)⭐⭐⭐ (जून-जुल)पूरे वर्ष विशेष
सिंह⭐ (अक्टू-नवं)⭐⭐⭐ (जून-जुल)जून — जुलाई
कन्या⭐⭐⭐ (फर-मार्)⭐⭐ (अक्टू-नवं)फरवरी — मार्च
तुला⭐⭐⭐ (अक्टू-नवं)⭐⭐ (अक्टू-नवं)अक्टूबर — नवंबर
वृश्चिक⭐⭐⭐ (जून-जुल)⭐⭐ (सित-अक्टू)जून — जुलाई
धनु⭐⭐ (अक्टू-नवं)⭐⭐⭐ (अक्टू-नवं)अक्टूबर — नवंबर
मकर⭐⭐ (जून-जुल)⭐⭐⭐ (अक्टू-नवं)जून — जुलाई
कुंभ⭐⭐ (फर-मार्)⭐⭐⭐ (फर + जून + अक्टू)पूरे वर्ष अच्छा
मीन⭐⭐⭐ (फर-मार्)⭐⭐ (फर-मार्)फरवरी — मार्च

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: शुक्र वक्री काल में विवाह कर सकते हैं क्या?

शुक्र वक्री काल (1 मार्च — 12 अप्रैल, 2026) में विवाह से सामान्यतः बचें। वक्री ग्रह का प्रभाव उल्टा कार्य करता है — विवाह में विलंब, मन बदलना, समझौते टूटना — ये संभव हैं। शुक्र मार्गी (12 अप्रैल) के बाद विवाह मुहूर्त चुनें।

प्रश्न 2: विवाह में बाधा क्यों आती है? शुक्र गोचर कैसे सहायक?

विवाह बाधा के कई कारण हो सकते हैं — 7वें भाव में पाप ग्रह, शुक्र नीच/शत्रु राशि में, शनि/राहु 7वें भाव पर दृष्टि आदि। शुक्र गोचर में जब आपके 7वें या 5वें भाव से गुजरें तो विवाह बाधा दूर होने की संभावना रहती है। अनुकूल कालों में विवाह प्रस्ताव सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएँ।

प्रश्न 3: प्रेम विवाह में शुक्र गोचर कैसे सहायक?

प्रेम विवाह के लिए शुक्र 5वें भाव (प्रेम) और 7वें भाव (विवाह) दोनों को देखें या वहाँ संचरण करें तो सबसे अनुकूल। परिवार का विरोध हो तो शुक्र 4थे भाव (गृह, परिवार) में भी बलवान हो तो परिवार सहमति देगा।

प्रश्न 4: शुक्र उच्च क्या है? यह कितना महत्वपूर्ण?

शुक्र मीन राशि में 27° अंश पर उच्च होते हैं। उच्च ग्रह अपनी शक्ति के चरम पर होता है — उसके गोचर प्रभाव कई गुना बढ़ जाते हैं। फरवरी — मार्च में शुक्र उच्च काल में किए गए विवाह और प्रेम समझौते बहुत शुभ फल देंगे।

प्रश्न 5: व्यक्तिगत शुक्र गोचर फलाफल कैसे जानें?

गोचर फल केवल राशि पर निर्भर नहीं — आपकी कुंडली में शुक्र की स्थिति, नक्षत्र, शुक्र दशा/भुक्ति चल रही है या नहीं, अष्टकवर्ग में शुक्र को कितने बिंदु हैं — इन सबके अनुसार बदलता है। Astrosidda गोचर सेवा से अपना व्यक्तिगत फल प्राप्त करें।


आपका शुक्र गोचर कैसा रहेगा? — व्यक्तिगत फलाफल प्राप्त करें

यह लेख राशि आधारित सामान्य गोचर फल है। आपके जातक में शुक्र की स्थिति, नक्षत्र, दशा/भुक्ति, आयुष होराई — इनके आधार पर व्यक्तिगत फल भिन्न होगा।

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